तुलसीदास से भगवान शिव ने कहा था रामचरितमानस लिखने के लिए

तुलसीदास जी का जन्म 1554 में हुआ था और जन्म लेते ही उनके मुंह से राम का नाम निकला था. इसी वजह से उनका नाम रामबोला रखा गया था. कहा जाता है कि जन्म से ही उनके मुंह में 32 दांत थे.

वे अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करते थे. एक बार जब उनकी पत्नी मायके गईं तो वे भी वहां पहुंच गए. पत्नी ने उनसे कहा कि तुम्हारी जितनी मुझमें आसक्ति है उससे आधी भी यदि भगवान में होती तो तुम्हारा कल्याण हो जाता. पत्नी की यह बात तुलसीदासजी को चुभ गई और संत बन गए.