आयुर्वेदिक फार्मूले से तैयार किए गए हल्दीवीटा से करें सेहत की सुरक्षा

नई दिल्ली। सेहत के लिए हल्दी बहुत ही गुणकारी पदार्थ है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह रामबाण का काम करता है. घरों में आसानी से उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या लोग यह नहीं जानते कि हल्दी का सही उपयोग कैसे करें और इसके क्या फायदे हैं. हल्दी के उपयोग को लोकप्रिय बनाने के लिए युवा उद्यमी समीर गुप्ता और अंकित खंडूरी ने ‘हल्दीवीटा’ उत्पाद पेश किया है. आयुर्वेदिक फार्मूले से तैयार किए गए इस उत्पाद के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो शरीर की वायरस के संक्रमण से सुरक्षा करती है.

अपने अनूठे उद्यम हल्दीवीटा के बारे में समीर गुप्ता बताते हैं कि इसे तैयार करने से पूर्व उन्होंने दो साल तक गहन शोध किया. हल्दीवीटा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना उत्पाद है. इसमें रंग, गंध या संरक्षित करने के लिए किसी अन्य तत्व का उपयोग नहीं किया गया है. हल्दीवीटा में विशिष्ट श्रेणी की हल्दी ‘सुरवर्णा’ का इस्तेमाल किया गया है. यह हल्दी हिमालय के दुर्गम क्षेत्र बदरीनाथ के पास उगाई जाती है. इस फसल को तैयार होने में 16 से 18 माह का समय लगता है. इस कारण इसे बूढ़ी हल्दी भी कहा जाता है.

हल्दीवीटा खाने में बहुत ही स्वादिष्ट है. इसमें 14 प्रकार की स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटियों का मिश्रण है. इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. साथ ही पुरानी बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है. समीर गुप्ता बताते हैं बाजार में उतारने से पहले उन्होंने इस उत्पाद का नौ महीने तक स्वयं सेवन किया जिसके बहुत ही सार्थक परिणाम सामने आए. जब उन्हें पता चला कि उनकी डायबिटीज और कोलेस्ट्राल में नियंत्रण में आ गए हैं तो वह हैरान रह गए. यही नहीं, इस दरम्यान उनका 20 किलोग्राम वजन भी कम हो गया.

अंकित खंडूरी का कहना है कि समय के साथ जनता का आयुर्वेद पर से विश्वास उठ रहा था. लोगों के बीच शुद्धता को लेकर सबसे बड़ी चिंता थी. अब कोरोनाकाल में लोगों की आयुर्वेद में फिर से रुचि बढ़ी है. हल्दीवीटा के जरिए हम लोगों के खोये हुए विश्वास को बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य अपने ग्राहकों को सेहत की सुरक्षा के लिए शुद्ध और सर्वोत्तम उत्पाद मुहैया कराना है. फिलहाल इस उत्पाद को हल्दीवीटा.काम, अमेजन और कई अन्य वेबसाइट के जरिए आनलाइन खरीदा जा सकता है.

हल्दीवीटा को देशभर के विभिन्न शहरों की 500 से अधिक दुकानों पर भी मुहैया कराया जा रहा है. अंकित खंडूरी ने बताया कि हल्दीवीटा का सेवन सभी उम्र के व्यक्ति कर सकते हैं. अभी इसे इलायची पिस्ता, चॉकलेट और सामान्य हल्दी के फ्लेवर में उपलब्ध कराया जा रहा है. हल्दीवीटा का दूध, चाय और कॉफी जैसे पेय अथवा इडली, उपमा, पोहा, चावल आदि खाद्य पदार्थों में मिलाकर सेवन किया जा सकता है. अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक दिन में एक चम्मच हल्दीवीटा का सेवन पर्याप्त है.

अंकित खंडूरी बताते हैं हल्दीवीटा आमतौर पर बाजार में मिलने वाले मिश्रण और पेय से काफी बेहतर है क्योंकि इसमें किसी प्रकार की कृत्रिम सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता. इसीलिए यह सेहत के लिए लाभकारी है. अवसाद, पेट, जोड़ों में दर्द, मस्तिष्क, हृदय और कैंसर जैसे रोगों में हल्दीवीटा का सेवन फायदेमंद साबित होता है. इन्हीं तमाम खूबियों को देखते हुए हल्दीवीटा को सात्विक की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. आईआईएम, काशीपुर ने भी इस अनूठी पहल की सराहना की है.

फिलहाल पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है. तमाम देश इसका एलोपैथिक उपचार ढूंढ रहे हैं. केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इसका आयुर्वेदिक निदान तलाशने का परामर्श जारी किया है. इस निदान में हल्दी एक महत्वपूर्ण विकल्प है. प्रधानमंत्री की आपदा को अवसर में बदलने की मुहिम के तहत ही हल्दीवीटा को पेश किया गया है. समीर और अंकित बताते हैं कि उनके उत्पाद को बाजार में भारी समर्थन मिल रहा है. इससे उत्साहित होकर वह अपने कारोबार के विस्तार की योजना पर काम कर रहे हैं. इसके तहत कंपनी जल्द ही चाय और कुकीज की हर्बल रेंज पेश करेगी.