कोरोना ने बदला जीवन, प्यार से ज्यादा सेफ्टी को महत्व दे रहे लोग

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इन दिनों कोरोना वायरस के कारण लोग घरों से निकलने से डरने लगे हैं. हाल ही में WHO ने कहा है कि स्थिति बद से बदतर हो सकती है. वहीं अभी तक कोरोना वायरस की कोई दवाई भी नहीं बन पाई है जिसके कारण लोगों में चिंता और भी अधिक दिखने लगी है. कई तरह की रिसर्च से पता चला है कि लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है और लोग दोस्तों से मिलने तक में कतराने लगे हैं.

फरीदाबाद के प्रतिष्ठित डॉक्टर हिमांशु खारी कहते हैं कि जब तक WHO कोरोना की वैक्सीन बनाए जाने की घोषणा ना कर दे तब तक ऑफिशियली कोई कुछ नहीं कह सकता है. डॉक्टर बिरादरी अपनी ओर से जो कर सकती है वो कर रही है लेकिन पूरी दुनिया में जिस तरह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है वो चिंता की बात है. फिलहाल लोग सेनेटाइजेशन को गंभीरता से लें और व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें.

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दिल्ली के मानसिक रोग विशेषज्ञ अनुनीत सबरवाल कहते हैं कि कोरोना के कारण लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं और ये बात कई स्तर पर उनको परेशान कर रही है. वर्क फॉम होम से लेकर डेटिंग तक ऑनलाइन हो रहा है. एक दूसरे से मिलना, बातें करना अलग अहसास होता है लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है और यही वजह है कि घरेलू हिंसा से लेकर डिप्रेशन तक के केस बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.

नोएडा के वरिष्ठ नवजात शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण कुमार सिंह कहते हैं कि छोटे बच्चों को घर पर ही रखा जाना चाहिए. बच्चे थोड़ा लापरवाह होते हैं और यहां-वहां खेलते हैं. लोग इस बात को समझ भी रहे हैं और इस कारण 10 साल की उम्र तक के बच्चे इन दिनों घरों में ही अधिक वक्त गुजार रहे हैं और अपने दोस्तों से नहीं मिल पा रहे हैं. इस बात से बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन आता दिखता है. वे कहते हैं कि अगर बच्चों को किसी भी तरह की कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर बात करें.

कोरोना के कारण बदली लाइफस्टाइल

कोरोना के कारण लोगों की लाइफस्टाइल बदल सी गई है. जीवन में ऑनलाइन का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है और इस कारण लोगों को नींद का ना आना, चिड़चिड़ापन रहना जैसी परेशानियां भी हो रही हैं. वहीं लोग ऑफिस नहीं जा पा रहे हैं और अपने दोस्तों के साथ वक्त नहीं गुजार पा रहे हैं ये बात भी काफी चिंताजनक है. ऐसे में स्ट्रैस लेवल काफी बढ़ गया है.

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प्रेम संबंधों पर भी कोरोना का असर पड़ रहा है. जो लोग रिलेशनशिप में हैं वो भी आपस में नहीं मिल पा रहे हैं और अगर मिल भी रहे हैं तो बेहद सावधानी के साथ. डेटिंग एप्स में अब पहले जैसी बात नहीं रही है और लोग वन नाइट स्टैंड जैसी चीजों से बहुत बचकर ही निकल रहे हैं. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे दावे भी किए जा रहे हैं कि कोरोना के कारण भारत की आबादी बढ़ने वाली है.