कोरोना वायरस से जुड़ी 10 बड़ी बातें जिनको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है

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इस वक्त पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा किसी चीज की चर्चा हो रही है तो वो है कोरोना वायरस यानि कोविड-19, ये वायरस पूरी दुनिया पर कहर बनकर टूटा है. WHO की रिपोर्ट के मुताबिक 24 मार्च तक 3,72757 लोग इस वायरस से पीड़ित पाए गए हैं जबकि 16231 लोग इस वायरस के कारण अपनी जान से हाथ धो चुके हैं. भारत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉक डाउन की घोषणा कर दी है. जानिए इस खबर से जुड़ी 10 बड़ी बातें-

  1. भारत में बढ़े कोरोना वायरस के मामले

भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ कर 512 हो गए हैं जबकि 9 लोगों की मौत अभी तक इस वायरस के कारण हो चुकी है. 41 लोग इस वायरस को मात दे चुके हैं यानि ठीक हो चुके हैं. भारत सरकार ने कोरोना वायरस के लिए खास हेल्पलाइन शुरू की है जिसका नंबर है 1075.

  1. किस सतह पर कितनी देर टिकता है कोरोना वायरस?

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ़ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस एक मजबूत वायरस है और तापमान व आद्रता यदि अनूकूल हो तो इसे हराना कठिन हो सकता है. ये वायरस कीबोर्ड पर 24 घंटे, प्लास्टिक और स्टील की सतहों पर दो से तीन दिन तक टिका रह सकता है. वहीं कॉपर यानि तांबे पर ये वायरस करीब 4 घंटे में ही मर जाता है.

  1. क्या होती है सोशल डिसंटेंसिंग?

इन दिनों आपने इस शब्द को काफी सुना होगा लेकिन इसका अर्थ क्या होता है? सोशल डिस्टेंसिंग का अर्थ है एक दूसरे से दूर रहना. भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना. मेल-मुलाकात और सफर से परहेज रखना. यानि अगर आप लोगों के संपर्क में नहीं आते हैं तो कोरोना वायरस से बचाव काफी हद तक संभव है.

  1. आखिर ये क्वारंटाइन क्या बला है?

पुराने वक्त में अगर किसी पानी के जहाज पर शक होता था कि इसमें विषाणु हो सकते हैं तो उसे 40 दिनों के लिए अलग थलग कर देते थे. वर्तमान में दूसरे देशों से आए लोगों को शक होने पर अलग कर दिया जाता है ताकि विषाणु ना फैल सके.

  1. लॉकडाउन का अर्थ क्या होता है?

लॉकडाउन एपीडेमिक डिजीज एक्ट के तहत लिया गया फैसला है. इसका अर्थ ये है कि गांव और शहरों की सीमाओं से निकल कर लोग एक जगह से दूसरी जगहों पर नहीं जा सकते हैं. ऐसा करने से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है क्योंकि मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जाएगा.

  1. एपीडेमिक डिजीज एक्ट क्या है?

ये एक्ट राज्य सरकारों और स्थानीय अफसरों का काफी ताकत देता है. इस एक्ट के तहत अधिकारी इलाके को लॉकडाउन कर सकते हैं. किसी को क्वारंटाइन या आइसोलेशन में रख सकते हैं और बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए अन्य सख्त कदम उठा सकते हैं.

  1. धारा 188 क्या है?

एपीडेमिक डिजीज एक्ट का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत सजा का प्रावधान है. महामारी के वक्त सरकार के आदेश को मानना अनिवार्य है और ऐसा नहीं करने पर धारा 188 के तहत सजा हो सकती है. यानि 1000 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल तक हो सकती है.

  1. कैसे और कहां से शुरू हुआ कोरोना वायरस?

चीन के वुहान शहर में पहली बार इस कोरोना वायरस के केस देखे गए. ऐसा माना जा रहा है कि चमगादड़ की लीद को पेंगोलीन नाम के जनवर ने खाया था और फिर पेंगोलीन को इंसान ने खा लिया. वैज्ञानिक ये भी पड़ताल कर रहे हैं कि किस प्रजाति के चमगादड़ के कारण ये वायरस फैला.

  1. बाउंसिंग बैक का अर्थ क्या है?

कोरोना वायरस के जो मरीज ठीक हुए हैं उनमें से कुछ मरीजों में दोबारा इसके लक्षण देखे गए. कुछ की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गईं. चिकित्सा के क्षेत्र में किसी बीमारी के इस तरह दोबारा लौटने को बाउंसिंग बैक कहा जाता है. वैज्ञानिक इसका कारण जानने की कोशिशें कर रहे हैं.

  1. कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब क्या है?

कम्युनिटी ट्रांसमिशन का अर्थ कोरोना वायरस की तीसरी स्टेज से है जहां ये वायरस गुणात्मक रूप से फैलता है. एक शख्स से वायरस दूसरे तक पहुंचता है. अगर एक आदमी 10 लोगों से मिलता है तो उन्हें भी संक्रमित कर देता है. भारत जैसे देश में ये वायरस बहुत अधिक तबाही मचा सकता है.