क्या सिनेमाघरों की कमी को पूरा कर पा रहे हैं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स?

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ताजा हालात जैसे हैं उन्हें देखते हुए नहीं लगता कि सिनेमाघर जल्दी खुलने वाले हैं और ऐसे में फायदा ओटीटी प्लेफॉर्म्स को होना तय है. अमेजन प्राइम से लेकर हॉटस्टार तक और नेटफ्लिक्स से लेकर एमएक्स प्लेयर तक काफी बड़ी संख्या में डाउनलोड किए जा रहे हैं. खबर के चैनल से लेकर डॉक्यूमेंट्री चैनल तक अपने कार्यक्रमों को ओटीटी पर लाने के लिए बेकरार हैं और अब तो नई नवेली फिल्में भी ओटीटी पर ही रिलीज की जा रही हैं. ऐसे में आने वाला भविष्य एक नई राह खोलेगा ये तो तय है लेकिन पता नहीं वो दिन कब वापस लौटेंगे जब लोग दोस्तों या परिवार के साथ सिनेमा देखने के लिए जाया करते थे.

ओटीटी पर कंटेंट लाने की बेकरारी बढ़ी

एक वक्त था जब टीवी चैनलों का एकछत्र राज्य हुआ करता था और लोग डिश के लिए जेब से काफी पैसा निकाला करते थे. टाटा स्काई और डिश टीवी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट दिख जाए यही किसी भी चैनल की प्राथमिकता हुआ करती थी. लेकिन वक्त बदला, घरों में साधारण टीवी की बजाय एंड्रॉयड टीवी नजर आने लगे और बची खुची कसर फायरस्टिक और एमआई बॉक्स जैसी चीजों ने पूरी कर दी. अब टीवी चैनलों की प्राथमिकता ओटीटी प्लेटफॉर्म्स हैं और वो अपना कंटेंट इन पर लाने के लिए बेकरार दिखाई देते हैं.

ओटीटी पर रिलीज़ हो रही हैं नई फिल्में

गुलाबो सिताबो एक बड़ी फिल्म थी जो अमेजन प्राइम पर रिलीज की गई थी. उससे पहले क्रिस हेम्सवर्थ की एक्सट्रैक्शन भी नेटफिलिक्स पर रिलीज की गई थी. अब बॉलीवुड से लेकर हॉलीवड तक तमाम फिल्ममेकर्स अपनी फिल्में ओटीटी पर रिलीज करने का जोखिम उठा रहे हैं. अक्षय कुमार की लक्ष्मी बॉम्ब से लेकर विद्या बालन की लूटकेस तक ओटीटी पर रिलीज होने वाली हैं. यानि साफ है कि अब सिनेमाघरों की वैल्यू थोड़ा कम तो होगी और उन पर दवाब भी बनेगा लेकिन इससे इंडस्ट्री को कितना फायदा होगा ये देखने वाली बात होगी.

अश्लीलता और भद्दी भाषा का इस्तेमाल

तमाम प्रचार के बाद भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स परिवार को एक साथ बैठा कर टीवी नहीं दिखा पा रहे हैं और इसका कारण है अश्लील कंटेंट की भरमार. कई एप्स तो तमाम सीमाएं पार करते दिखाई देते हैं और इसी को अपनी यूएसपी बना लिया है. बहुत जरूरी है कि ओटीटी के लिए भी कुछ नियम कानून बनें. फिलहाल ओटीटी को लेकर किसी तरह का कोई नियम कानून नहीं है और शायद यही कारण है कि इस तरह के कंटेंट का ओटीटी पर बोलबाला है.

ओटीटी पर मिले छोटे प्लेयर्स को भी मौका

ओटीटी पर बेशक चमनबहार जैसी फिल्म रिलीज हो जाती है और पंचायत जैसी सीरीज भी रिलीज हो जाती है लेकिन अब भी ये कहना बेमानी है कि ओटीटी पर छोटे प्लेयर्स को मौका मिल पा रहा है. छोटा प्लेयर यानि कंटेंट मेकर अभी भी अपना कंटेंट यूट्यूब पर ही डाल पा रहा है. ऐसे में दर्शकों तक कुछ और क्रिएटीविटी नहीं पहुंच पा रही है. हो सकता है कि आने वाले वक्त में ओटीटी पर ऐसा भी कोई इंतजाम हो जाए और फिर काफी नए चेहरे दर्शकों को देखने के लिए मिलें.