इन दोनों लोगों ने जो किया है उसे जान कर आप भी करेंगे इन्हें सैल्यूट

इस वक्त कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर कहर बनकर टूटा है. 479,915 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं और 21,577 लोग अपनी जान गवां चुके हैं. हालांकि निराशा की इस घड़ी में उम्मीद की कुछ किरणें भी हैं. 115,798 लोग इस बीमारी से उबर कर अपने घरों को लौट चुके हैं. यही नहीं इस दुनिया के सभी देश एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. इस महामारी से लड़ने के लिए लोग ना केवल सरकारी निर्देशों का पालन कर रहे हैं बल्कि अपने अपने देश की सरकारों की मदद भी कर रहे हैं.

बात भारत की करें तो यहां पर 694 केस अभी तक सामने आ चुके हैं. 13 लोगों की अभी तक मौत हो चुकी है और 45 लोग ठीक होकर घरों को वापस जा चुके हैं. भारत सरकार ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है और राहत के लिए भारी भरकम पैकेज का भी ऐलान किया है.

आपको बता दें कि यूपी सरकार ने एक करोड़ 65 लाख लोगों को एक महीने के निशुल्क राशन की व्यवस्था की है. यही नहीं ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें 1000 रुपये महीने की व्यवस्था की गई है.

20 लाख 37 हजार मजदूरों को 1000 रुपये महीने की व्यवस्था की गई है ताकि खाने पीने की किसी को कोई दिक्कत ना हो. कम्युनिटी किचन से खाने पीने की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं और ऐसे लोग जो अभी भी अपने घरों को जा रहे हैं उनके लिए भी खाने पीने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

12 हजार से अधिक वाहन सब्जी, दूध, दवा और खाना घर घर तक पहुंचाने के लिए लगाए गए हैं. बिजली बिल के ऑनलाइन भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस वक्त 18 घंटे तक काम कर रहे हैं और अधिकारियों से पल पल की खबर ले रहे हैं.

बुलंदशहर में भी लोग प्रशासन की मदद कर रहे हैं. इसी कड़ी में बुलंदशहर के बेहद प्रतिष्ठित आजाद पब्लिक स्कूल के चेयरमैन वासिक आजाद और प्रेसीडेंट शारिक आजाद भी जिलाधिकारी बुलंदशहर रविंद्र कुमार से मिले और एक लाख रुपये के चेक उन्हें सौंपा.

इस मौके पर वासिक आजाद ने जिलाधिकारी से कहा कि अगर लोगों को खाने पीने की कोई दिक्कत हो या फिर कोई और परेशानी हो तो भी वे हमेशा तैयार हैं.

आपको बता दें कि वासिक और शारिक दोनों ही भाई बुलंदशहर के उद्योगपति हैं और अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. ये लोग हमेशा जनता की मदद के लिए तैयार रहते हैं.

कई मौकों पर इन लोगों ने इस बात को साबित भी करके दिखाया है. कोरोना वायरस के इस संक्रमण काल में एक बार फिर वासिक और शारिक आजाद ने साबित कर दिया कि अच्छा नागरिक होना क्या होता है.