दुनिया में लगातार बढ़ती जा रही है कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या

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कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया परेशान है और मौतों का आंकडा लगातार बढ़ता जा रहा है. एक अप्रैल को आठ लाख 60 हजार लोग इस वायरस की चपेट में हैं और 42 हजार लोग अपनी जान गवां चुके हैं.

एक वेबसाइट है जिसका नाम है worldometers.info. इस वेबसाइट पर कोरोना वायरस के मरीजों की लेटेस्ट संख्या बताई जाती है. फिलहाल ये आंकडा बढ़ता जा रहा है और बहुत जल्दी मरने वालों की संख्या 50 हजार को पार कर सकती है.

अमेरिका में करीब दो लाख लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और करीब 4 हजार लोग अपनी जान गवां चुके हैं. वहीं इटली में एक लाख से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 12 हजार से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं.

स्पेन में भी करीब एक लाख लोग इस वायरस की गिरफ्त में हैं और 8 हजार से अधिक लोग मर चुके हैं. चीन से ये वायरस शुरू हुआ था लेकिन चीन में केवल 80 हजार लोग ही इस वायरस की चपेट में आए और करीब 3300 लोगों ने अपनी जान गवांई.

और अब बात करते हैं भारत की जहां कोरोना बाकी देशों की तुलना में थोड़ा कम फैल रहा है. भारत में 1700 से अधिक लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 35 लोग अपनी जान गवां चुके हैं.

भारत में ये वायरस देर से आया इसलिए भारत ने दूसरे देशों के अनुभवों से सीखते हुए 21 दिनों का लॉकडाउन लागू कर दिया. इस लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के कारण इस वायरस पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है.

भारत में जब से लॉकडाउन किया गया है तब से दो मामले ऐसे हो चुके हैं जिन्होंने देश भर को हिला कर रख दिया है. पहला मामला रहा मजदूरों के पलायन का. भारत के अधिकतर बड़े शहरों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर लॉकडाउन की घोषणा होते ही अपने अपने घरों, अपने अपने गावों के लिए निकल पड़े. इनके पास ना तो पैसे थे और ना ही खाना. सैंकडो मजदूरों ने 500 या इससे अधिक किलोमीटर तक का सफर पैदल ही किया.

इस खबर को मीडिया ने उठाया तो शासन और प्रशासन ने इस हालात को जैसे तैसे काबू में किया. जैसे ही सरकार ने राहत की सांस ली वैसे ही दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम की सूचना मिली. दुनिया के कई देशों से इस जमात में शामिल होने के लिए लोग पहुंचे थे. ये लोग देश के कई इलाकों में फैल गए थे और इनमें से कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव भी थे.

इस खबर ने सरकार को पूरी तरह से हिला दिया. अब जैसे तैसे इस मामले को काबू कर लिया गया है लेकिन देश भर के लोगों में इन दोनों ही वाकयों से डर का माहौल है. लोगों को लगता है कि इन दोनों मामलों के कारण कोरोना के मामले गांव देहात तक पहुंच सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो हालात सरकार के काबू से बाहर हो जाएंगे.

हमारे देश के कई हिस्सों में, खास तौर पर गांव देहात के इलाकों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं और ना ही देश ने कभी इतनी बड़ी महामारी का सामना किया है. ऐसी स्थिति में हालात बेहद खराब हो सकते हैं. इस बीमारी से जीतने का केवल एक ही तरीका है और वो है लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन.

हम यही कहना चाहेंगे कि घर में रहें, सुरक्षित रहें. ये कोरोना वायरस धर्म या जाति देख कर शिकार नहीं बनाता है. फेक न्यूज़ से बचें और AMN News देखें ताकि आप तक सही और सच्ची खबरें पहुंचती रहें.