जानिए कोरोना वायरस को क्यों घोषित किया गया महामारी, तीसरा चरण बहुत खतरनाक

कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया जा चुका है. पूरी दुनिया के साथ साथ ये बीमारी भारत के लिए भी परेशानी का सबब बन गई है. भारत में तमाम नेता और अभिनेता इस बीमारी से बचाव के उपाय बता रहे हैं. लेकिन अब बारी तीसरे चरण की है. अगर भारत के लोगों ने इस बामारी की गंभीरता को नहीं समझा तो परिणाम दहलाने वाले हो सकते हैं.

कब महामारी घोषित होती है कोई बीमारी

बीमारी के फैलाव को तीन तरह से बांटा गया है- एंडेमिक, एपीडेमिक और पैनडेमिक. एंडेमिक बीमारी वो होती है जो किसी खास क्षेत्र में ही फैलती है. एपीडेमिक बीमारी वो होती है तो बहुत तेजी से फैलती है लेकिन फैलाव का क्षेत्र सीमित होता है. पैनडेमिक बीमारी यानि महामारी तब होती है जब ना केवल बीमारी बहुत तेजी से फैलती है बल्कि इसका फैलाव का क्षेत्र में लगातार बढ़ता चला जाता है.

इबोला और सार्स जैसे वायरस के वक्त इनको महामारी घोषित नहीं किया गया था लेकिन कोरोना को महामारी घोषित किया गया है क्योंकि ये 100 से अधिक देशों में फैल चुका है और दो लाख से अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. WHO ही किसी बीमारी को महामारी घोषित करता है.

किसी भी महामारी के चार चरण होते हैं

आपको बता दें कि महामारी को चार चरण में बांटा जाता है. पहले चरण में संक्रमित लोग किसी देश में प्रवेश करते हैं. दूसरे चरण में ये लोग कुछ लोगों से मिलते हैं और उन्हें भी बीमार कर देते हैं. तीसरा चरण होता है जब नए-नए बीमार हुए लोग अपने लोगों, परिवार, समाज के संपर्क में आते हैं. चौथे चरण में स्थानीय स्तर पर महामारी फैल जाती है.

क्या हैं इस बीमारी से बचाव और सुरक्षा के तरीके

इस बीमारी से बचने के लिए साफ सफाई बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है खुद को आइसोलेशन में रखना. यानि घरों से ना निकलें और बिना वजह यात्राएं ना करें. रेल, बस और हवाई सफर से बचें. जहां तक संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट को इस्तेमाल नहीं करें. मॉल्स, सिनेमाघर, बाजार आदि नहीं जाएं. अगर मजबूरी में कहीं जाते हैं तो मास्क का इस्तेमाल करें और हाथों को सेनेटाइज करते रहें.

फिलहाल इस बीमारी से बचाव ही इलाज है

अभी तक कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं मिला है. डॉक्टर, वैज्ञानिक, रिसर्च करने वाले लगातार कोशिशें कर रहे हैं लेकिन हाथ अभी तक खाली हैं. ऐसे में केवल बचाव को ही इलाज बताया जा रहा है. हम भी आपसे यही कहेंगे कि खुद को सुरक्षित रखें. अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं तो अपने साथ अपने परिवार की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं. इस बीमारी को अफवाह ना समझें और इसकी गंभीरता को समझते हुए खुद को घर में ही रखें.

अफवाहों से बचना बहुत जरूरी है

बहुत सारे मैसेज सोशल मीडिया में तैर रहे हैं. कई तरीकों से कोरोना के इलाज का दावा किया जा रहा है. गौमूत्र से लेकर गोबर तक से इलाज का दावा किया जा रहा है लेकिन ऐसे किसी चक्कर में ना पड़ें. लौंग तुलसी के फायदे बहुत हैं और एक निश्चित मात्रा में इस्तेमाल करने से कोई नुकसान भी नहीं है लेकिन ऐसा कहना कि ये कोरोना का इलाज हैं, गलत होगा. इसलिए सावधान रहें और अफवाहों से बचे रहें.