हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन या लोपिनावीर और रिटोनावीर, क्या है कोरोना का इलाज

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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. 16 लाख से अधिक लोग इस वायरस की चपेट में हैं तो वहीं 95 हजार लोग इस वायरस के कारण जान गवां चुके हैं. भारत में भी इस वायरस ने कहर बरसा रखा है. 5 हजार सात सौ से अधिक लोग इस वायरस से पीड़ित हैं तो वहीं 199 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बीमारी का, इस वायरस का कहीं कोई इलाज है?

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन नाम की एक दवाई इन दिनों चर्चा में है. दावा किया जा रहा है कि ये दवाई कोरोना वायरस का इलाज है. अमेरिका से लेकर ब्राजील तक ने ये दवाई भारत से मांगी थी और भारत ने ये दवाई उन देशों को पहुंचाई. लेकिन क्या ये दवा वाकई कोरोना को खत्म कर देती है? विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO का यह कहना है कि ये दवा कोरोना वायरस के इलाज में कितनी प्रभावी है इसे लेकर कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है.

बताया जा रहा है कि ये दवाई लीवर और किडनी पर भी असर डालती है. भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने साफ साफ कहा कि ये दवाई केवल आपात स्थिति में ही कोरोना के मरीजों को दी जानी चाहिए. आपको बता दें कि भारत में इस दवा को लेकर शोध जारी है. जब तक ये बात साबित ना हो जाए कि इस दवा से कोरोना ठीक होता है तब तक इस दवाई को कोरोना का इलाज कहना सही नहीं होगा.

दूसरी जिस दवाई की बहुत अधिक चर्चा हो रही है वो है लोपिनावीर और रिटोनावीर. ऐसा दावा किया जा रहा है कि इन दोनों दवाइयों का कॉम्बीनेशन कोरोना को खत्म कर रहा है. जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इसका इस्तेमाल भी किया गया था. लेकिन क्या ये दवाई वाकई कोरोना का इलाज है? क्या इस दवाई से कोरोना वायरस खत्म हो जाता है?

आपको बता दें कि ये दवाई एचआईवी एड्स के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं. ये भी सच है कि इस दवा के इस्तेमाल से कुछ कोरोना पीड़ित लोग ठीक भी हुए लेकिन इस दवाई का इस्तेमाल कुछ खास स्थितियों में ही किया जाता है. साथ ही आपको ये भी बता दें कि इस दवा का इस्तेमाल कॉम्प्रोमाइज्ड मरीजों पर किया जाता है. यानि बुजुर्ग लोगों पर या जिन्हें दिल की बीमारी हो.

इस बीच कुछ लोगों को ऐसा भी लगता है कि एल्कोहल से कोरोना खत्म हो जाएगा. इसलिए शराब का इस्तेमाल बढ़ने की भी खबरें सामने आईं. वहीं ईरान में 600 लोगों को मौत हो गई क्योंकि उन्होंने नीट एल्कोहल पी लिया था. आपको बता दें कि किसी सतह को एल्कोहल से साफ किया जा सकता है लेकिन एल्कोहल पीने से कोरोना वायरस खत्म नहीं होता है. शराब पीने से कोरोना खत्म नहीं होता है.

आप लोगों ने कई अखबारों में खबरें पढ़ी होंगी, टीवी पर देखी होंगी कि कोरोना की वैक्सीन तैयार कर ली गई है, टीका बन गया है, दवाई खोज ली गई है. कई लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने इलाज तलाश कर लिया है. भारत में भी कई लोगों ने ऐसा दावा किया था लेकिन उनमें से अधिकतर लोग सलाखों के पीछे हैं. ये सच है कि पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना का इलाज तलाश कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोरोना का कोई इलाज तलाश नहीं किया जा सका है.