गाजियाबाद कांड में थाना प्रभारी सस्पेंड, विजय नगर थाने से विवेचना हटाई

(गाजियाबाद से अनुज त्यागी की रिपोर्ट) गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी मर्डर केस में थाना प्रभारी विजय नगर पर भी गाज गिर गयी है. पत्रकार की भांजी से छेड़छाड़ के मामले में थाना स्तर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी. जांच में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने चौकी इंचार्ज के बाद थाना प्रभारी को भी सस्पेंड कर दिया है. हत्याकांड की तफ्तीश भी थाना विजय नगर से हटाकर कोतवाली भेज दी गयी है.

विक्रम मर्डर केस में पुलिस की भूमिका के लेकर पहले दिन से गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मामला तूल पकड़ने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने हत्याकांड को जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी थी. एसएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष ने विवाद उत्पन्न होने के बाद से लेकर आखिर तक न मामले पर गौर किया और न किसी तरह की निरोधात्मक कार्रवाई की गयी. ड्यूटी के प्रति लापरवाही उजागर होने को लेकर थाना प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. चौकी इंचार्ज को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है. हत्याकांड की विवेचना भी कोतवाली गाजियाबाद प्रभारी को सौंप दी गयी है.

विजयनगर इलाके में बदमाशों ने कुछ दिन पहले दिन पत्रकार विक्रम जोशी को बेटियों के सामने उस समय गोली मार दी थी, जब वे अपनी बहन के यहां से घर लौट रहे थे. घायल पत्रकार की मंगलवार रात अस्‍पताल में मौत हो गई थी. हमलावर पत्रकार विक्रम की भानजी के साथ छेड़खानी करते थे. इसकी शिकायत उन्‍होंने थाना विजयनगर पुलिस से की थी मगर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी.

बदमाशों ने वारदात से तीन दिन पहले भी उनके भाई को जान से मारने की धमकी दी थी. उस समय विक्रम ने पुलिस को सूचित भी किया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई. एसएसपी के मुताबिक, वारदात में शामिल मामले में रवि, छोटू, मोहित, दलवीर, आकाश उर्फ लुल्ली, योगेंद्र, अभिषेक हकला, अभिषेक मोटा और शाकिर को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपियों के खिलाफ कठोर करवाई की जाएगी.

वारदात के विरोध में गाजियाबाद के मीडियाकर्मी सड़कों पर उतर आए थे. गाजियाबाद, दिल्‍ली से लेकर लखनऊ तक राजनीति गरमा गयी थी. विरोध बढ़ता देख प्रदेश सरकार ने मारे गए पत्रकार का परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता, दिवंगत पत्रकार की पत्नी को नौकरी और बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का एलान किया था.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अफसरों की जमकर क्लास ली थी. एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद जनरल वीके सिंह ने पत्रकार के परिवार से मिलकर सहायता राशि का चेक सौंपा था.

ताबड़तोड़ वारदातों से टेंशन में आए कप्तान, कई इंचार्ज लाइन हाजिर

गाज़ियाबाद में लूट, छिनैती, अपहरण और हत्या की वारदातों से टेंशन में आये एसएसपी ने थाना प्रभारी सिहानी गेट दिलीप बिष्ट के साथ कई चौकी इंचार्जों को लाइन हाजिर कर दिया है. पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड में दिल्ली-लखनऊ तक पुलिस की किरकिरी होने के बाद एसएसपी जिले में तैनात थानेदारों पर एक्शन लेते नजर आ रहे हैं.

लाइन हाजिर की करवाई में चिरौड़ी और मोरटा चौकी इंचार्ज भी शामिल हैं. शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी देवेंद्र बिष्ट को विजयनगर थाना प्रभारी बनाया गया एवं गैर जनपद से आए इंस्पेक्टर कृष्ण गोपाल शर्मा को थानाध्यक्ष सिहानी गेट बनाया गया है.