सुदीक्षा भाटी केस से जुड़े इन सवालों का जवाब आखिर कैसे मिल पाएगा?

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक लड़की अपने रिश्तेदार के साथ मोटरसाइकिल से जा रही थी. ट्रैफिक के कारण एक बुलेट सवार ने ब्रेक लगाया और पीछे आ रही मोटरसाइकिल उससे भिड़ गई. लड़की बाइक से गिर गई, उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. ये कहना है बुलंदशहर के पुलिस और प्रशासन का, लेकिन सुदीक्षा भाटी केस में कई सवाल हैं जिनका जवाब शायद किसी के पास नहीं है.

पहला सवाल ये कि अगर ट्रेफिक था तो सुदीक्षा जिस बाइक पर सवार थी उसकी गति भी कम ही रही होगी. ऐसे में वो अचानक बाइक से गिरी कैसे.

दूसरा सवाल ये कि अगर उनकी गति बेहद तेज थी तो वो किससे भागने की कोशिश कर रहे थे? कहीं ऐसा तो नहीं कि छेड़खानी से बचने के लिए बाइक की गति तेज थी.

तीसरा सवाल ये कि छेड़खानी का आरोप परिवार क्यों लगा रहा है. परिवार भी इस बात को समझता है कि फर्जी या गलत आरोप लगाने के क्या परिणाम होते हैं, ऐसे में वो क्यों कोर्ट और पुलिस के चक्करों में फंसना चाहेंगे?

सुदीक्षा के परिवार का क्या कहना है?

सुदीक्षा के चाचा का कहना है कि वो अपनी भतीजी के साथ बाइक पर थे, वहीं पुलिस का कहना है कि सुदीक्षा के साथ उसके चाचा नहीं बल्कि भाई था. दोनों लोग मामा के यहां गए थे. भाई का एक वीडियो पुलिस ने जारी किया है जिसमें वो बता रहा है कि सड़क दुर्घटना के कारण उसकी बहन की मृत्यु हो गई. दूसरी ओर चाचा का दावा है कि आरोपी छेड़छाड़ कर रहे थे और बाइक पर स्टंट भी कर रहे थे. उन्होंने बाइक के सामने अपनी बाइक लगाकर रोकना चाहा जिसके कारण सुदीक्षा सड़क पर गिरी और उसकी मृत्यु हो गई.

पुलिस का क्या कहना है?

पुलिस का दावा है कि नाबालिग लड़का बाइक पर अपनी बहन के साथ जा रहा था. किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था. पीड़ित परिवार ने भी सड़क दुर्घटना की बात कही है और छेड़खानी का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है. एक टीम लड़की के घर गौतमबुद्धनगर भी भेजी गई है जो परिवार के बयान लेगी और अन्य जांच करेगी. जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल इसे सड़क दुर्घटना कहना ही ठीक है. बाकी जो पहलू सामने आ रहे हैं उन पर जांच होगी और उचित कार्रवाई होगी.

मामले ने पकड़ लिया है तूल

सुदीक्षा के साथ आखिर क्या हुआ था? क्या उसके साथ छेड़खानी हुई थी या फिर वाकई वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई? इस मामले का पूरा सच कोई नहीं जानता लेकिन फिलहाल ये मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है. इस मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने भी सरकार पर निशाना साधा है.

उन्होंने ट्वीट किया- बुलन्दशहर में अपने चाचा के साथ बाईक पर जा रही होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी को मनचलों की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी, जो अति-दुःखद, अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय. बेटियाँ आखिर कैसे आगे बढ़ेंगी? यूपी सरकार तुरन्त दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे, बीएसपी की यह पुरजोर माँग है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया- बुलंदशहर की घटना यूपी में कानून के डर के खात्मे और महिलाओं के लिए फैले असुरक्षा के माहौल को दिखाती है. ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन छेड़खानी की घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेता. इसके लिए व्यापक फेरबदल की जरूरत है. महिलाओं पर होने वाले हर तरह के अपराध पर जीरो टॉलरेंस होना चाहिए.

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लिखा- अमेरिका में अध्ययनरत बुलंदशहर की सुदीक्षा भाटी की छेड़खानी से बचने के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम है.

भाम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने ट्वीट किया- एक गरीब परिवार से निकलकर अमेरिका में पढ़ाई करने वाली बहन सुदीक्षा भाटी हमारे बीच नहीं रही. आज सड़क छाप शोहदों के छेड़खानी से बचने के प्रयास में उनकी एक्सीडेंट से मौत हो गई. अत्यंत ही दुखद! दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो एवं सुदीक्षा के परिवार को उचित आर्थिक मदद दी जाए.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने लिखा- अपराधियों ने एक प्रबल संभावना जो भारत का नाम रोशन करती उस सूरज को डुबो दिया और हमने एक होनहार बेटी सुदिक्षा को खो दिया. कहां है भाजपा का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ? बुलन्दशहर की होनहार बेटी सुदिक्षा भाटी को तत्काल न्याय मिलना चाहिए. शर्म करो भाजपा सरकार.