यूपी: गाजियाबाद में बेटियों के सामने बदमाशों ने पत्रकार को मारी गोली

क्या यूपी में अपराधी बेखौफ हो चुके हैं? क्या यूपी के अपराधियों को पुलिस का जरा भी डर नहीं है? क्या यूपी पुलिस को चुनौती दे रहे हैं अपराधी? ये सवाल इसलिए क्योंकि जिस तरह से अपराधी क्राइम कर रहे हैं उसे देख कर लगता है जैसे उन्हें ना तो पुलिस का डर है और ना ही कानून का. यूपी सरकार भले ही क्राइम के ग्राफ में कमी की बात करती हो, यूपी पुलिस भले ही एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हो चुकी हो लेकिन सच तो ये है कि अपराधी अब बेखौफ हो चुके हैं और पुलिस को सीधे-सीधे चुनौती देते दिख रहे हैं.

गाजियाबाद के विजयनगर इलाके में रहने वाले पत्रकार विक्रम जोशी पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने हमला किया और उन्हें गोली मार दी. अब इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जिसे देख कर अंदाजा हो जाता है कि बदमाशों को पुलिस का कहीं कोई खौफ नहीं बचा है. वीडियो में साफ दिखता है कि बदमाशों ने पहले पत्रकार को घेरा, मारपीट की और फिर गोली मार दी. इसके बाद बदमाश आराम से फरार भी हो गए.

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दरअसल कुछ दिन पहले विक्रम जोशी ने पुलिस को एक शिकायत दी थी जिसमें बताया गया था कि कुछ लड़के उनकी भांजी के साथ छेड़खानी करते हैं. इसी शिकायत के बाद आरोपी गुस्से में आ गए जिसका नतीजा ये हुआ कि उन्होंने जोशी को गोली मार दी. अब पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने 6 टीमें लगा दी हैं. यही नहीं लापरवाही बरतने के आरोप में प्रताप विहार चौकी के इंचार्ज को भी निलंबित कर दिया गया है. इस पूरे मामले की जांच सीओ को दी गई है.

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जिस वक्त जोशी की हत्या की गई उस वक्त वो अपने बेटियों के साथ जा रहे थे. जरा सोचिए उन बच्चियों के बारे में जिनकी नजरों के सामने उनके पिता के सिर में गोली मार दी गई. जरा सोचिए उस लड़की के बारे में जिसके साथ लगातार छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था और पुलिस में शिकायत करने पर उसके मामा को जान से मार दिया गया. क्या यही है उस उत्तर प्रदेश की तस्वीर जिसकी निगेहबानी टॉप के पुलिस अधिकारी करते हैं? और क्या यही है वो उत्तर प्रदेश जहां पुलिस के हाथ खुले हुए हैं?

ये मामला अब पुलिस के सिर का दर्द बनने लगा है क्योंकि यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी ने इस घटना के आधार पर यूपी सरकार को निशाने पर ले लिया है. उन्होंने ट्वीट किया कि गाजियाबाद NCR में है. यहां कानून व्यवस्था का ये आलम है तो आप पूरे यूपी में कानून व्यवस्था के हाल का अंदाजा लगा लीजिए. एक पत्रकार को इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उन्होंने भांजी के साथ छेड़छाड़ की तहरीर पुलिस में दी थी. इस जंगलराज में कोई भी आमजन खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा?’

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने ट्वीट किया- ग़ाज़ियाबाद में अपनी बेटी के साथ बाइक पर जा रहे एक पत्रकार को गोली मारने से प्रदेश की जनता सकते में हैं. भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि क़ानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ानेवाले इन अपराधियों-बदमाशों के हौसले किसके बलबूते पर फल-फूल रहे हैं.

अब देखना होगा कि यूपी पुलिस ऐसे कौन से कदम उठाएगी की लोगों की भरोसा पुलिस पर बना रहे. पुलिस को बेहद सख्त कदम उठाने होंगे ताकि अपराधियों के दिल में कानून का डर पैदा हो.