एक अंग्रेज ने ढूंढी थी नैनीताल की झील, ऐसे बसाया गया था शहर को

सन् 1839 ई. में एक अंग्रेज व्यापारी पी. बैरन जो शाहजहाँपुर में चीनी का व्यापार करते थे वो एक बार केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा करने के बाद यहां पहुंचे. बैरन को किसी ने बताया था कि यहां एक सुन्दर ताल है. बस इसी के बाद वो नैनीताल की झील तक पहुँच गए.

इस क्षेत्र में पहुँचकर और यहाँ की सुन्दरता देखकर पी. बैरन मन्त्रुमुग्ध हो गये. उन्होंने उसी दिन तय कर ड़ाला कि वे अब शाहजहाँपुर की गर्मी को छोड़कर नैनीताल को ही आबाद करेंगे.